Gulati Textorium- Bombay Dyeing showroom

Gulati Textorium- Bombay Dyeing showroom BOMBAY DYEING BED-SHEETS & BED COVERS,
BOMBAY DYEING TOWELS,
BOMBAY DYEING BLANKETS & COMFORTERS
B
(647)

15/02/2026

स्वयं को अर्पण कर दो शिव को,
यही तो पूजा का सार है।
अहंकार का दीप बुझा दो,
भीतर ही ज्योति अपार है॥
जो कुछ मेरा, तेरा समझा,
सब मिथ्या पहचान है।
शिव ही श्वासों में विराजे,
शिव ही जीवन-प्राण है॥
समर्पण में शक्ति छिपी है,
छोड़ो ‘मैं’ का भार तुम।
शिवरात्रि की इस पावन बेला,
शिव में हो साकार तुम॥
ना कुछ रखना, ना कुछ माँगना,
बस अर्पण का भाव रहे।
स्वयं ही सबसे बड़ा प्रसाद है,
जब मन शिवमय हो जाए॥
आओ आज यही संकल्प करें —
अर्पित तन-मन-प्राण करें।
स्वयं को ही अर्पण करके,
शिवत्व का अनुभव करें॥

*महाशिवरात्रि* के पावन पर्व पर भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा आप पर सदा बनी रहे।
आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आए।
*हर हर महादेव*
🩷 शिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं 🩷
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Moti Nagar, New Delhi























26/01/2026

"77वें गणतंत्र दिवस" की हार्दिक शुभकामनाएँ...

यह पावन अवसर हमें हमारे संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता पर गर्व करने की प्रेरणा देता है।

आइए, हम सब मिलकर देश की प्रगति, शांति और समृद्धि के लिए सदैव तत्पर रहें।
🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳 🇮🇳
🫡🫡🫡🫡🫡
🙏🌹🌹🌹🙏

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Moti Nagar, New Delhi























18/01/2026

मकर सक्रांति की शुभकामनाऐ

New Collection of BOMBAY DYEING Bedsheets has arrived.

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Moti Nagar, New Delhi























17/01/2026

New Collection of BOMBAY DYEING Bedsheets has arrived.

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Happy Makar Sankranti and Lohri
11/01/2026

Happy Makar Sankranti and Lohri

20/12/2025

New COLLECTION of FLORIDA DOHAR, BLANKETS, COMFERTORS has arrived...

New Collection of PORTICO Bedsheets has arrived...

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Moti Nagar, New Delhi

























08/12/2025

Celebrating Happiness with RAYMOND Home Bedsheets - at Gulati Textorium
























GULATI TEXTORIUM  BOMBAY DYEING)आज श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें बलिदान दिवस पर उनके चरणों में कोटि कोटि नमन।हिन्दुस...
25/11/2025

GULATI TEXTORIUM BOMBAY DYEING)

आज श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें बलिदान दिवस पर उनके चरणों में कोटि कोटि नमन।

हिन्दुस्थान का इतिहास महापुरुषों के बलिदानो से भरा पड़ा हैं, पर गुरु तेग बहादुर जी का बलिदान विशेष हैं।

बादशाह-ए-हिन्द औरंगज़ेब के अपनी गैर मुस्लिम प्रजा पर जुल्म और अत्याचार अपने चरम पर थे। तलवार के ज़ोर पर हिन्दुओ का जबरन धर्मान्तरण, बादशाह औरंगज़ेब के आदेश से धड़ल्ले से हो रहा था।

कहते है, वह प्रतिदिन जब तक सवा मन जनेऊ नही उतरवा लेता था, तब तक भोजन ग्रहण नही करता था। उस समय कुछ कश्मीरी ब्राह्मण अपनी फ़रियाद लेकर गुरु जी के सम्मुख उपस्थित हुए।उनकी मार्मिक प्रार्थना सुन कर गुरु जी ने कहा, कि आप सभी औरंगज़ेब से जाकर कहो, कि आप गुरु जी को इस्लाम स्वीकार करवा दो, हम सभी उनकी देखा देखी इस्लाम कबूल लेंगे।

गुरु जी, अपने शिष्यों सहित औरंगज़ेब का दम्भ तोड़ने दिल्ली आ गए। दिल्ली आने पर पर गुरु जी को क़ैद कर लिया गया और धर्म बदलने के लिये अनेको प्रलोभन देने का दुस्साहस किया गया। सफल न होने पर उन्हें व उनके शिष्यों भाई मतिदास जी, भाई सतिदास जी, भाई दयाला जी आदि पर विभिन्न प्रकार के अमानवीय अत्याचार किये गए। सभी शिष्यों ने गुरु जी के सामने बिना उफ़ किये अपने प्राण धर्म और देश के रक्षार्थ न्योछावर कर दिए। अपने शिष्यों के बलिदान से भी गुरु जी न डोले, उन्हें पिंजरे में क़ैद करके चांदनी चौक में रक्खा गया। विभिन्न प्रकार से उनको मानसिक, आध्यात्मिक और शारीरिक रूप से तोड़ने के प्रयास किये गए।

गुरु जी के दादाजी गुरु अर्जन देव जी ने भी जहांगीर के समय धर्म और देशहित के लिये बलिदान दिया था। अब गुरु जी भी उन्हीके सपूत थे। उन्होंने औरंगज़ेब को चांदनी चौक में उनको इस्लाम क़बूलवाने पर समूचे हिन्दू समाज के सहर्ष इस्लाम क़बूल लेने की चुनोती दे दी।

औरंगज़ेब ने अपना सारा ज़ोर और ज़ुल्म ज़बर लगा लिया पर गुरु जी इसे प्रभु का प्रसाद मान कर मंद मंद मुस्कुराते रहे। आखिर औरंगज़ेब के सब्र का बाँध टूट गया, पर गुरु जी अडिग, अडोल, अपने ध्यान बैठे रहे और औरंगज़ेब ने उन्हे शारीरिक रूप से शहीद करवा दिया।

गुरु जी, आज के दिन अपना शरीर त्याग गए, पर बलिदान की विलुप्त सनातनी परंपरा को पुनर्जीवित कर गए। उन्ही के दिखाए पावन मार्ग पर कुछ वर्ष बाद उनके बेटे राष्ट्रनायक गुरु गोविन्द सिंह जी व् उनके 4 साहिबजादे भी गुरु तेग बहादुर जी के मार्ग पर चलते हुए देश धर्म पर आहूत हो गए।इसी परंपरा में आगे चल कर बंदाबहादुर सिंह जी, वीर हकीकत राय जी, मंगल पाण्डेय, भगत सिंह व अन्य देशभक्त क्रांतिकारी हँसते हँसते चले।

आज हिन्दुस्थान में जो हिन्दू समाज स्वाभिमान से सर उठा कर, सनातनी परंपरा से चल रहा है। वह सभी गुरु जी के बलिदान की वजह से ही हैं। एक बार के लिये मानो अगर उस समय गुरु जी डोल जाते, तो आज हम सभी मुस्लिम होते। आज का जीवित हिंदुत्व गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान का प्रतिफल हैं।

उनके बलिदान को भुलाना या उसके महत्व को कम करके आंकना एहसानफरामोशी होगी। वह हिन्द की चादर थे, हैं और सदैव रहेंगे।

न कहूँ जब की, न कहूँ अबकी

गर गुरु जी न होते, तो "सुन्नत" होती सबकी...

गिरीश कुमार गुलाटी
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02/11/2025

#गुरुनानकदेवजी के #प्रकाशउत्सव पर आप सभी को #हार्दिकबधाई एवं ढेरों #शुभकामनाएं।

#बाबाजी के आशीर्वाद से आपका जीवन #सुखसमृद्धि, #धनधान्य एवं #खुशहाली से परिपूर्ण हो, ऐसी हम #मंगलकामना करते हैं।


















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