23/02/2024
पापा, एक ऐसा नाम जब कोई रास्ता नहीं मिलता है तब याद आता है
जब दर्द होता है तो मां नाम की आवाज निकलती है लेकिन जब कोई रास्ता नहीं मिलता है तो जेहन में पिता नाम की आवाज आती है।
क्योंकि पिता को बच्चे ऐसा समझते हैं कि वह तो हमारे साथ रहेंगे, मां से लड़ लेते हैं, झगड़ लेते हैं, अपनी बात मनवा लेते हैं लेकिन पिता का कहा हुआ हर एक शब्द एक नियम की तरह रहता है ।
पिता वह वृक्ष है जो सारे परिवार को छांव देता है क्योंकि पिता रूपी पेड़ दुनिया की परेशानियों को सहते हुए अपने बच्चों को छांव देता है, उन सब धूप से, गर्मी से,बारिश से, सर्दी से, अपने विशाल हृदय तले उस नन्हे से पौधे को बचा के रखता है,
यह सारी बातें पापा के लिए एकदम सटीक है जिन्होंने हम सभी को कभी भी दुख झेलना नहीं दिया, सारी परेशानियां, सारी दिक्कत, अपने तक ही सीमित कर ली और अपने चेहरे में शिकन भी ना लाते हुवे सभी की हर वाज़िब इच्छा पूरी की। हमे भी आप जैसा ही बनना है और प्रयास करना है कि आपसे भी आगे बढ़े क्योंकि यही आपकी भी इच्छा रहेगी कि हमारे बच्चे हमसे भी आगे बढ़े,आपने जो बेस तैयार किया है उसमें हम बच्चे अपनी मेहनत एवं काबिलियत के साथ नई बुलंद इमारत खड़ी करें । पापा आपके जन्मदिन पर यही कहना चाहूंगा जो हर साल कहता हूं आप है सब कुछ है, आप नहीं तो कुछ भी नहीं , कुछ भी नहीं,
आपका आशीर्वाद सदैव बना रहे हैं
मोंटी