03/02/2020
Kisan Chachi Padma Shri Rajkumari Devi Bihar : की प्रेरणादायी कहानी
महिलाओं को घर की दहलीज तक ही सीमित रखा जाता हैं लेकिन हालातों के मारे जब कोई महिला घर से बाहर निकलती है तो इतिहास बन जाते हैं। बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर के सरैया प्रखंड के आनंदपुर गांव की राजकुमारी देवी (Rajkumari Devi) ने जब खेती-बाड़ी शुरू की तो कोई ख़ास अनुभव नहीं था। अनुभव से सींखती रही और खेती-बाड़ी में रम गयी।
आमदनी कम हो रही तो कृषि से संबधित घरेलू उद्योग जैसे अचार, पापड़ एवं मसाले बनाने शुरू किए। प्रोडक्ट तो बन गए लेकिन उन्हें बेचने में तकलीफ़ों का सामना करना पड़ा तो एक बार फिर वो घर से बाहर निकली लेकिन इस बार साइकिल लेकर। साइकिल चलाना न परिवार को मंज़ूर था और न ही समाज को लेकिन वो थी अपने धुन की पक्की।
गाँव-गली में घर-घर घुमकर उन्होंने अपने अचार एवम् मसाले बेचना शुरू किया। देखते ही देखते उनका कारोबार चल निकला और वो क्षेत्र में ‘साइकिल चाची (Cycle Chachi)‘ के नाम से प्रसिद्ध हो गयी।
कारोबार बढ़ा तों गाँव की महिलाओं को साथ में जोड़ना शुरू किया और कूछ ही समय में उनके साथ 300 से ज़्यादा महिलाएँ जुड़ गयी। उत्पादन बढ़ा तों कारोबार का दायरा भी बढ़ना शुरू हुआ और बिहार से निकलकर देश के कई कृषि मेलों में उनके उत्पाद बिकने लगे। गुणवत्ता और स्वाद ने उनके उत्पादों को मशहूर कर दिया और राजकुमारी देवी ‘किसान चाची’ के रूप में प्रसिद्ध हो गयी।
उनके उत्पादों की गुंज सदी के महानायक अमिताभ बच्चन तक पहुँची और उन्होंने राजकुमारी देवी को पाँच लाख नक़द आटा चक्की और ज़रूरत के सामान दिए जिससे उनके व्यापार को बढ़ाने में मदद मिली।
कुछ बेहतर करने के लिए खाद्य प्रसंस्करण का प्रशिक्षण लिया। पूसा कृषि विश्वविद्यालय से जुड़कर आधुनिक तरीके से खेती के गुर सीखे। अचार व मुरब्बे के काम को बढ़ाया। आसपास की महिलाएं व युवतियों को प्रशिक्षण दिलाकर इस काम में लगाया।महज डेढ़ सौ रुपये से शुरू किया गया उनका कारोबार बढ़ता गया। बिहार सरकार ने वर्ष 2007 में ‘किसानश्री‘ से सम्मानित किया। उस वर्ष यह सम्मान पानी वालीं एकमात्र महिला थीं।
अचार व मुरब्बे की खुशबू की तरह किसान चाची का नाम भी फैलने लगा। अहमदाबाद में उनकी इस लगन की तारीफ नरेंद्र मोदी ने भी की। तब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद इनकी खेती व छोटे से कारोबार को देखने इनके घर आए।
इसके बाद राजकुमारी देवी के जीवन में वो पल आया जो शायद ही देश की किसी महिला किसान को नसीब हो पाया। बदलाव के दौर को देखते हुए नरेंद्र मोदी सरकार ने पद्म पुरुस्कारों की प्रक्रिया बदली तो किसान चाची को भी पद्मश्री सम्मान से नवाज़ा गया।
राजकुमारी देवी का संघर्ष और जीवटता ही उनकी पहचान बन गयी। नारीशक्ति का एक नया रूप बनते हुए वो समाज के लिए आदर्श बन गई हैं। घर से बाहर कदम रखने पर जिसने ठुकराया था, वही समाज व परिवार आज उनके कारण अपने को गौरवान्वित महसूस करता है। Kisan Chachi Padma Shri Rajkumari Devi Bihar