31/10/2025
Gamma Oryzanol Benefits in Hindi | गामा ओरिजिनल के फायदे
Rcm गामा ओरिजिनल के फायदे से लोग इतने प्रभावित हुए की इसके लांच के बाद, बहुत ही कम समय में यह लोगो का सबसे पसंदीदा rcm product बन गया।
वर्ष 1954 में जापान के कनेको और सूचिया नामक दो वैज्ञानिकों द्वारा किये गए अध्ययन में ये पाया गया कि राइस ब्रान आयल में कुदरती तोर पर पाया जाने वाला गामा ओरिजनोल नामक तत्व कई पोषक गुणों से भरपूर है एवं गामा ओरिजिनल के फायदे का राज चावल की भूटी पटत में प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला पदार्थ है जिसमें Sterols और Triterpene alcohols के Ferulic Acid Esters का मिश्रण होता है।
उसके बाद दुनिया भर में इस अनोखे प्राकृतिक पोषक तत्व के अलग – अलग फायदों और सुरक्षा को दर्शाते हुए समय – समय पर अनेक अध्ययन हुए । जापान में वर्ष 1962 से Gamma Oryzanol का उपयोग दवा के रूप में किया जाता रहा है । शुरुआत में इसका इस्तेमाल मानसिक तनाव के उपचार में किया गया था और बाद में वर्ष 1970 में रजोनिवृत्ति के लक्षणों के उपचार के लिए इसे मंजूरी मिली ।
इसके बाद वर्ष 1986 में उच्च कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के स्तर के उपचार के लिए भी इसे अनुमोदित किया गया ।यह प्राकृतिक दवा विकसित देश जैसे कि चीन , जापान , अमेरिका , ब्रिटेन आदि जैसे देशों में महँगे दामों में बिकती है । हाल ही में 28 दिसंबर , 2016 को एक नोटिफिकेशन जारी करके भारत सरकार के फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इसे न्यूट्रास्यूटिकल के रूप में मान्यता दी है , इसे अनुमोदित न्यूट्रास्युटिकल ( अनुसूची vi , भाग B , S.No. 73 ) की सूची में वर्गीकृत किया है ।
Gamma Oryzanol Benefits in Hindi
गामा ओरिजिनल के फायदे
दिन प्रीतिदिन ओरिजनोल के हमारे स्वास्थ्य के लिए अनेकों लाभों का संकेत देने वाली टिपोटों की संख्या बढ़ रही है । उनमें से कुछ गामा ओरिजिनल के फायदे इस प्रकार हैं:
• Cholesterol को कम करने में मददगार: इंटरनेशनल जर्नल ऑफ फार्मेसी और फार्मास्युटिकल साइंसेज 6 ( 11 ) फरवरी 2014 में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार Gamma Oryzanol में फाइब्रेट और स्टेटिन की तरह कोलेस्ट्रोल कम करने की समान क्षमता है । यह कोलेस्ट्रॉल को बाइल एसिड में परिवर्तित कर खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करता है ; यह उस बाइल एसिड के उत्सर्जन को भी बढ़ाता है और आंतों के मार्ग से रक्त में कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण को रोकता है । गामा ओरिजनोल के कोलेस्ट्रॉल कम करने वाले गुणों की पुष्टि करने वाले कई अन्य राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन www.oryzanol.in पर उपलब्ध हैं।
• उच्च रक्तचापको कम करने में मददगार: अध्ययनों से यह भी पता चलता है कि उच्च रक्तचापको कम करने में Gamma Oryzanol का सुरक्षात्मक प्रभाव पड़ता है।
• तनाव को कम करने में मदद करता है: अध्ययन बताते हैं कि गामा-ओटीज़नोल Endorphin नामक Hormone को बढ़ाता है जो खुटहने में मदद करता है और इस तरह मानसिक तनाव से बचाता है।
• ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) को रोकता है: Gamma Oryzanol की प्रतिदिन खुराक हड्डियों को कमजोर होने से रोकती है और इस तरह ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) को रोकती है।
• मधुमेह की रोकथाम में मददगार: एक अध्ययन में चूहों के आहार में 4 सप्ताह से अधिक 0.5 % गामा ओरिजनोल ने सीरम ग्लूकोज की सांद्रता में वृद्धि को कम किया , जो उच्च फैट वाले आहार द्वारा उत्पादित किया गया था और साथ ही इंसुलिन के स्तर और ग्लाइकोजन कार्बोहाइड्रेट ( सोन एट अल , 2011 ) में वृद्धि हुई थी । निरमा यूनिवर्सिटी इंडिया द्वारा किए गए एक अध्ययन में Gamma Oryzanol का हाइपरग्लाइसेमिया – प्रेरित थर्मल हाइपरलेगिया और ऑक्सीडेटिव तनाव पर सुरक्षात्मक प्रभाव पाया गया है , जो मधुमेह से होने वाले नर्व डैमेज या मधुमेह न्यूरोपैथी नामक बीमारी के लिए जिम्मेदार हो सकता है।
• मांसपेशियों को मज़बूत बनाता है: Gamma Oryzanol का उपयोग कठिन शारीरिक परिश्रम करने वाले एथलीट द्वारा “ एगोजेनिक एड्स ” के रूप में किया जाता है । प्रमाण बताते हैं कि गामा ओरिजनोल एंडोर्फिन नामक हॉर्मोन को बढ़ाता है , जो खुश रहने में सहायक होता है । इसके इलावा मांसपेशियों को भी मजबूत बनाता है । इन निष्कर्षों ने Gamma Oryzanol को ” स्पोर्ट्स सप्लीमेंट ‘ के रूप उपयोग करने की रुचि पैदा की है।
• थाइटोइड ( TSH ) कम करने में मददगार: अध्ययनों से संकेत मिलता है कि गामा – ओरिजनोल की 300 मिलीग्राम प्रतिदिन की खुराक ने हाइपोथायरायड के रोगियों में ऊंचे सीरम टी.एस.एच को काफी कम किया । इसलिए यह हाइपोथायरायड के मरीजों के इलाज के लिए मददगार है।
• न्यूरो सुरक्षात्मक: केंटकी विश्वविद्यालय , संयुक्त अमेरिका और कैटेनिया इटली विश्वविद्यालय के एक संयुक्तअध्ययन से पता चला है कि ओरिजनोल में अल्जाइमर जैसी ऑक्सीडेटिव तनाव – संबंधी बीमारीयों से शरीर की रक्षा करने की चिकित्सकीय क्षमता है।
• गैस्ट्रिक अल्सर व उसके कारण होने वाले तनाव सहित गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल विकारों के उपचार में प्रभावी: जापान में एक अध्ययन में पता चला है कि गामा – ओरिजनोल के साथ 8 – दिवसीय उपचार से फास्टिंग अल्सर में महत्वपूर्ण परिणाम पाया गया है और एसिटिक एसिड अल्सर में Gamma Oryzanol की एक ही खुराक 10 – दिवसीय उपचार गैस्ट्रिन के सीरम स्तर को कम करती है । जापान में एक अन्य अध्ययन ने बताया कि ओरिजनोल की खुराक तनाव के कारण हुए अल्सर के इलाज में प्रभावी है।
• जिगर / लीवर के लिए सुरक्षात्मक प्रभाव: नागासाकी विश्वविद्यालय , जापान द्वारा किए गए अध्ययन से पता चलता है कि Gamma Oryzanol लिवर सिरोसिस को कम करने में बहुत प्रभावशाली है । सिरोसिस यकृत के खराब होने और लिवर के खराब होने के कारण होता है । यह भयंकर जिगर की बीमारी का अंतिम चरण है । अध्ययन से पता चला है कि गामा ओरिजनोल के एंटीऑक्सीडेंट गुणों की वजह से इसका जिगर / लिवर पर सुरक्षात्मक प्रभाव है । टोक्यो विश्वविद्यालय , जापान के एक अध्ययन से पता चला है कि ओरिजनोल शराब से होने वाले लिवर पर दुष्प्रभाव से भी बचाता है । यह ऑक्सीडेटिव तनाव को रोक देता है , जो कि लिवर के खराब होने का एक प्रमुख कारण है।
Rcm गामा ओरिजिनल के फायदे
• त्वचापर प्रभाव: ओरिजनोल की सूर्य की हानिकारक यूवी – लाइट से सुरक्षात्मक भूमिका होती है और इसलिए इसका उपयोग सनस्क्रीन एजेंट के रूप में किया जाता है । एक कॉस्मेटिक सनस्क्रीन संरचना जिसमें फेरुलिक एसिड और ओरिजनोल शामिल है , को पेटेंट कराया गया है।
• हड्डियों पर सुरक्षात्मक प्रभाव: प्रतिदिन Gamma Oryzanol की खुटाक हड्डियों को कमज़ोर होने से टोकती है और इस तरह Osteoporosis को रोकती है।
• रजोनिवृत्ति ( मीनोपोज ) के लक्षण दूर करने में मददगार: गामा – ओरिजनोल को रजोनिवृत्ति के लक्षण दूर करने वाली कुदरती दवा के रूप में माना जाता है । अध्ययनों के अनुसार 300mg ओरिजनोल प्रतिदिन लगातार आठ सप्ताह तक लेने से 90 % अध्ययन की गई महिलाओं को रजोनिवृत्ति के लक्षणों से राहत मिली है । जापान में वर्ष 1962 से गामा ओरिजनोल का उपयोग दवा के रूप में किया जाता रहा है । वर्ष 1970 में रजोनिवृत्ति के लक्षणों के उपचार के लिए इसे दवा के रूप में इस्तेमाल करने की मंजूरी मिली।
• शरीर में सूजन को कम करने में प्रभावशाली: खाद्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग , टोक्यो के एक अध्ययन में पता चला है कि कोलाइटिस ( आंत की सूजन ) के उपचार के पूरे समय के दौरान ओरिजनोल के साथ उपचार करने से पैथोल जिकल स्थितियों जैसे वजन घटने , आंतों से रक्तस्त्राव और दस्त आदि को कम करता है , जिसके परिणामस्वरूप आंतों की सूजन भी कम होती है । डिपार्टमेंट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज , थाईलैंड द्वारा किए गए एक अध्ययन ने भी ओरिजनोल के सूजन को कम करने के गुणों की पुष्टि की है।
• Cancer की रोकथाम में मददगार: प्रोस्टेट कैंसर सहित अन्य कैंसर के इलाज के लिए गामा – ओरिजनोल का उपयोग करने की संभावना को लेकर अध्ययन किये जा रहे हैं । एक अध्ययन किया गया कि गामा – ओरीजनोल , फेरुलिक एसिड , टोकोट्रिऑनोल या फाइटिक एसिड सब की खुराक से चूहों में ट्यूमर का आकार कम हो गया और यह भी सामने आया की ट्यूमर का आकार कम करने में गामा – ओरिजनोल का भाग सबसे प्रभावी था।
Gamma Oryzanol Capsules Uses in Hindi
Gamma Oryzanol Capsules को 300mg(150mg+150mg) प्रति दिन ले सकते है, और 18 वर्ष के ऊपर के व्यक्ति , एक–एक केपसूल दोनो समय भोजन के बाद लम्बे समय तक ले सकते है।
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