21/07/2026
मित्रो ,
आज एक ऐसे अभिनेता का जन्म दिवस है जिन्हें सुनहरे युग में " जुबली कुमार " कहकर पुकारा जाता था, क्योंकि लगातार उनकी कई फिल्मों ने २५ सप्ताह से अधिक समय तक सिनेमा हालो में हाउस फूल में प्रदर्शन करते हुए कई कीर्तिमान कायम किए थे
ये है " राजेंद्र कुमार " आपका जन्म सन १९२९ में अविभाजित भारत के पंजाब प्रांत के सियालकोट में हुआ था ( अब पाकिस्तान में है )
देश के विभाजन में उनका परिवार दिल्ली आ गया फिल्मों में रुचि होने के कारण वो मुंबई आ गए पांच वर्षों तक निर्देशक " एच एस रवैल " के साथ सहायक निर्देशक का काम किया इस दौरान उन्होंने _ पतंगा, सगाई , पॉकेटमार , जोगन फिल्मों में सहायक निर्देशक का काम सफलता से किया
आकर्षक व्यक्तित्व के कारण उन्हें अभिनय का अवसर मिला
उनकी पहली फिल्म थी " जोगन " जिसमें वो नायक दिलीप कुमार के मित्र के रूप में नजर आए , इस फिल्म से उन्हें कोई पहचान नहीं मिली या फिल्मों में अभिनय के लिए कोई मदद नहीं मिल पाई
निर्माता _ देवेंद्र गोयल की फिल्म " वचन " में वो पहली बार नायक के रूप में नजर आए फिल्म की सफलता के साथ वो फिल्म इंडस्ट्री में स्थापित हो गए, उल्लेखनीय है कि फिल्म वचन से हो संगीत निर्देशक "रवि " का फिल्मी सफर भी शुरू हुआ था
इसके बाद धीरे धीरे राजेंद्र कुमार को फिल्मों में नायक की भूमिका मिलने लगी इस दौरान उन्हें अपने समय की सभी बड़ी अभिनेत्रियों के साथ काम करने का अवसर मिला जिनमें , मीना कुमारी , वैजयंतीमाला , आशा पारेख , नंदा , माला सिन्हा , साधना सायरा बानो, बी सरोजादेवी , जमुना, अमिता , वहीदा रहमान ,मुमताज , हेमा मालिनी , रेखा , बबीता शामिल है
उनकी सफलता में एक बड़ा योगदान रहा उनकी अधिकांश फिल्मों में " शंकर जयकीशन " का संगीत और उन पर फिल्माए गए गीतों में रफी साहब की आवाज
अपने सुनहरे समय में उन्होंने अपनी स्वयं की फिल्म निर्माण कंपनी " डिंपल पिक्चर्स ' की स्थापना करते हुए , अपने भाई नरेश कुमार को निर्देशक का काम सौंपते हुए _ गंवार , तांगेवाला फिल्म बनाई
अपनी बढ़ती आयु को देखते हुए अपनी कंपनी के माध्यम से अपने बेटे " कुमार गौरव ' को नायक के रूप में लेकर फिल्म " लव स्टोरी "का निर्माण किया फिल्म की सफलता के बाद उन्होंने _ नाम , लवर्स , जुर्रत तथा फूल फिल्मों का निर्माण किया
राजेंद्र कुमार और राज कपूर साहब की घनिष्ठ मित्रता रही है , फिल्म इंडस्ट्री में इन दोनों की मित्रता की मिसाल दी जाती है
आपके अभिनय से सजी कुछ फिल्मे है _ मदर इंडिया , गूंज उठी शहनाई , घर संसार , संतान , चिराग कहाँ रोशनी कहां, कानून, धूल का फूल , गहरा दाग़ , तूफान और दिया , तलाक़, ससुराल , जिंदगी , हमराही , आस का पंछी , घराना , दिल एक मंदिर , आई मिलन की बेला , संगम , तलाश , गीत , अनजाना, साथी , गोरा और काला, गंवार , पालकी , मेरे महबूब , अमन , सूरज , आरजू , झुक गया आस्मान , धरती , शतरंज , मेरा नाम जोकर आदि
आपको भारत सरकार द्वारा सन १९६९ में पद्मश्री से अलंकृत किया गया था, उनके मरणोपरांत सन २०१३ में उनके सम्मान में एक डाक टिकट प्रकाशित किया गया था
सन १९९९ में उनका स्वर्गवास हो गया उन्हे विनम्र श्रद्धांजलि, प्रस्तुत है उनका चित्र मेरे संग्रह से
इंदौर _ दिनांक २० जुलाई २०२६