20/02/2026
आज एक ऐसे प्रसिद्ध फिल्मकार का जन्म दिवस है जिसने फिल्मों में कहानी लेखक के रूप में शुरूआत करते हुए आगे अभिनय भी किया और निर्माता_ निर्देशक भी बन गए, ये है _आई एस जौहर
आपका जन्म सन १९२० में अविभाजित भारत के पंजाब प्रांत में हुआ था पूरा नाम था इंद्रसेन जौहर , उनकी पढ़ाई भी वहीं पूरी हुई , पढ़ाई के मामले में वो उस समय के सबसे अधिक पढ़े लिखे व्यक्ति थे उन्होंने अर्थ शास्त्र और राजनीति शास्त्र में डबल एम ए की डिग्री हासिल की थी , आप बहुत ही बुद्धिमान होकर उन्हे कहानियां लिखने का शौक था
सन १९४७ के अगस्त में देश के विभाजन की हल चल शुरू हुई उसी समय जौहर साहब अपने परिवार सहित एक शादी में शामिल होने के लिए पटियाला आए उधर लाहौर में दंगे शुरू हो गए और वो वापस अपने पुश्तैनी घर नही लौट पाए , कुछ दिनों जालंधर में छोटे मोटे काम करने के बाद फिल्मों में भाग्य आजमाने मुंबई आए यहां उनका परिचय फिल्मकार " रूप के शौरी" से हुआ उन्होंने सन १९४९ में जोहर साहब की लिखी कहानी पर फिल्म बनाई " एक थी लड़की " इस में उन्होंने अभिनय भी किया था, नायक थे मोतीलाल , यहां से उनके लेखन और अभिनय की यात्रा शुरू हो गई, फिल्मकार बी आर चोपड़ा उन्हे बचपन से पहचानते थे उन्होंने जोहर साहब कहा मुझे तुम्हारी कोई ऐसी कहानी दो जिसपर मैं सुपरहिट फिल्म बना सकू, इस तरह सन १९५१ में " अफसाना " फिल्म बनी , कहानी थी जोहर साहब की ,नायक थे अशोक कुमार, इस फिल्म की सफलता से आई एस जौहर और बी आर चोपड़ा दोनो की पहचान कायम हो गई, इसी दौरान जोहर साहब ने सहायक निर्देशक का काम शुरू किया, उनके साथ यश चोपड़ा भी यही काम करने लगे , यश चोपड़ा साहब हमेशा आई एस जौहर को अपना गुरु मानते रहे हैं
बहुमुखी प्रतिभा के धनी जोहर साहब के अभिनय की विशेषता थी सहज , स्वाभाविक अभिनय, जिसका शानदार उदाहरण है फिल्म " जॉनी मेरा नाम" में उनकी तिहरी भूमिका , जिसके लिए उन्हे सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता का फिल्म फेयर पुरस्कार मिला था, अपने अभिनय के दौर में उन्हे कुछ हॉलीवुड की फिल्मों में भी काम करने का अवसर मिला जिनमे सन १९५८ की" हेरी ब्लेक" , ६२ की" लारेंस ऑफ़ अरेबिया "( ऑस्कर विजेता फिल्म ), ६७ की " नॉर्थ वेस्ट फ्रांटियर , डेथ ऑफ द नाइल" , सिक्रेट ऑफ़ द हिंदू टेंपल्स , उन्होंने सन १९७८ की अमेरिकन टी वी धारावाहिक " माया " में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है , अपने सफलता के दौर में उन्होंने स्वयं की निर्माण कंपनी स्थापित कर _ जोहर मेहमूद इन गोवा, जोहर मेहमूद इन हांगकांग, जोहर इन काश्मीर , ५ राइफल्स , जाय बंगला देश , नसबंदी जैसी फिल्मों का निर्माण और निर्देशन किया, आपने लगभग १३० फिल्मों में अभिनय किया है, उनमें से कुछ है _ नास्तिक, शर्त , हम सब चोर है, मिस इंडिया, एक गांव की कहानी, अपलम चपलम, मैं शादी करने चला , बनारसी ठग, तीन देवियां, नमस्ते जी, लड़का लड़की, श्रीमान जी, अप्रैल फूल, दिल ने फिर याद किया, राज, शागिर्द, अनिता, हाय मेरा दिल, दो ठग, सफर, दास्तान , गोमती के किनारे , जोशीला, तीन चोर, आज की ताजा खबर ,गोपीचंद जासूस आदि
सन १९८४ में आई एस जौहर साहब का स्वर्गवास हो गया , उन्हे विनम्र श्रद्धांजलि, प्रस्तुत है उनका चित्र मेरे से दिनांक १६ फरवरी २०२६