25/07/2015
वर्कशॉप में हिस्सा लेने से पहल्र आइये हम जानते हैं हैकिंग से संबंधित कुछ टेक्निकल बातें को :-
मुख्य बातें : हैकिंग हमेशा दूसरों को तंग करने के लिए ही नहीं किये जाते. इसका उद्देश्य लोगो को बचाना भी होता है. दरअसल तीन प्रकार के हैकर्स होते है –
a) व्हाइट हैट हैकर्स –ये वैसे हैकर होते है जो समाज को सायबर क्राइम से बचाते है और अवांछित लोगों या सायबर क्रिमिनल को कंप्यूटर की दुनिया में बेनकाब करते है.
b) ग्रे हैट हैकर्स –ये हैकर्स मौका परस्त होते है जो समान्यत: सरल तौर पर सामाजिक कार्यो के उद्देश्य से हैकिंग करते है अगर मौका आने पर धोखा भी देते है.
c)ब्लैक हैट हैकर्स –इनका उद्देश्य ही दूसरों को तंग करना होता है. ये सेंध लगाने में माहिर होते है और चंद सेकेण्ड में आपके अकाउंट से लाखों रूपये गायब कर सकते हैं.
किस प्रकार से किये जाते हैं हैकिंग:-
१) फिसिंग –फ्रौडिंग की यह विधि आजकल बहुत प्रचलन में है. इसमें हैकर किसी बैंक से मिलता जुलता वेब साईट बनाता है और सामने वाले को भेज देता है. सामने वाला उसे बैंक का असली वेबसाइट समझ कर अपना ID और पासवर्ड डालता है मगर वो साईट नहीं खुलता है और वह पासवर्ड हैकर के पास पहुँच जाता है.
२ )की-लॉगर फ्रौडिंग के इस विधि में हैकर चुप-चाप उसके कंप्यूटर में की –लॉगर सॉफ्टवेर को डाल देता है |उसके बाद आप जब भी अपने कंप्यूटर में ID –Password डालेंगे या कुछ भी करेंगे उससे सम्बंधित सारी जानकारीयाँ अपने आप हैकर्स को मेल जाती रहती है और आपको इसका अमास तक नहीं हो पता.
३ ) ट्रोज़न हौर्स –यह और भी खतरनाक तरीका होता है. इसमें हैकर किसी गाने या फोटो के साथ जोड़ कर ट्रोज़न हौर्स फाइल को आपके कंप्यूटर में भेज देता है और आप जैसे ही उस फोटो या गाने को खोलते है आपका कंप्यूटर का सारा कण्ट्रोल हैकर मिल जाता है. आप जो भी काम कर रहे है वो उसे आराम से देखता रहता है.
४)कॉल स्पूफिंग –इसके मदद से कोई भी हैकर दुनिया के किसी भी फ़ोन नंबर से दुनिया के किसी भी आदमी को बदले हुए आवाज में फ़ोन करके परेशान या धमकी दे सकता है, जिसे पहचान करना लगभग नामुमकिन होता है |
५)SQL Injection-इसके प्रयोग से हैकर किसी वेबसाइट के डेटाबेस को नुकसान पहुँचता है.
६)Cracking- इसमें हैकर्स का उद्देश्य किसी software को फ्री में इस्तेमाल करना और उसे पुरे दुनिया में बांटने से होता है ताकि उसे बनाने वाले कंपनी को भारी नुकसान पहुँचाया जा सके.
७) Tempring- इसके मदद से हैकर्स धमकी आदि देते हैं. जब वो अपने ID से किसी को मेल करते है तो वो भेजने से पहले अपने ID को टेम्पर कर लेते है जिसके कारण अगर वो चाहे तो नरेन्द्र मोदी के ID से नितीश कुमार को प्यार भरा ख़त भेज सकते है आदि.
इसके अलावा आगे के वर्कशॉप में और भी जो मुख्य विषय होंगे, वो हैं, फ़ोन ट्रेसिंग, ई मेल ID ट्रेसिंग, कंप्यूटर वायरस, रिमोट हैडलिंग, वायरलैस हैकिंग, नेटवर्क हैकिंग, सायबर लॉ, फेसबुक हैकिंग और ऐसे सैंकड़ों तरीके हैं जिसके इस्तेमाल से आपको जबरदस्त नुकसान पहुँचाया जा सकता है. इससे बचने के लिए यह जरुरी है कि हम अधिक गहराई से इन सभी चीजों के बारे में जानें ताकि हम अपने और अपने समाज के डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रह सकें.