बनारसी देवी सीकर जिले के खूड़ी बड़ी क्षेत्र में पलथाना ग्राम पंचायत की एक बहुत जुझारू राजनेत्री है। वह एक जमीन से जुडी राजनेत्री है जो जनता के बीच रहकर उनके समस्याओं का निवारण करने को ही जीवन का ध्येय मानती है। वे आगामी सरपंच चुनावों में भाग लेकर अपनी ग्राम पंचायत का प्रतिनिधित्व करना चाहती है।
बनारसी देवी दूसरी बार सरपंच पद के लिए दावेदारी कर रहीं है। इससे पहले वे 15 वर्ष पूर्व भी सरपंच पद के ल
िए चुनाव लड़ चुकीं हैं।
उनके द्वारा किये गए समाज सेवा के कार्यो के कारण उन्हें जनता का अपार समर्थन प्राप्त है। एक राजनेत्री के तौर पर उनका उद्देश्य अपनी ग्राम पंचायत में पक्की सड़कों का निर्माण करना, जल के उचित निकास हेतु नालियों का निर्माण करना, स्ट्रीट लाइट व सीसीटीवी कैमरे लगवाना औऱ गांव के युवाओं हेतु खेल के मैदान का निर्माण करवाना हैं। वह स्वच्छता के प्रति भी बहुत अधिक जागरूक रहती हैं औऱ ग्रामवासियों को भी जागरूक करती हैं। वह चौड़े रास्ते औऱ सुलभ शौचालय बनवाने पर जोर देती हैं।
बनारसी देवी गरीबो औऱ असहायों को मनरेगा में काम करने के लिए भी प्रेरित करती हैं व किसानों को सस्ती दरों पर बिजली दिलाने के लिए भी प्रयासरत हैं। शिक्षा के क्षेत्र में वह 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत बालिकाओं को शिक्षा दिलाने का समर्थन करती और वे चाहती है की उनके क्षेत्र के बालक बालिकाएं शिक्षित होकर गांव का नाम रोशन करें। वह गाँव की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने हेतु पर्याप्त चिकत्सकों की व्यवस्था भी कराती हैं।
10 जून 1979 को जन्मी बनारसी देवी के पति का नाम राजेन्द्र कुमार हैं। उनके पति पेशे से एक कृषि कार्यकर्ता हैं। उनके पिता का नाम हरफूल सिंह है। उन्हें दो संतानों का सौभाग्य प्राप्त है जिनका नाम मनीषा औऱ दीपक है। शैक्षणिक योग्यता में उन्होंने राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय से 12वी कक्षा तक पढाई की हैं।
एक अनुभवी व झुझारु राजनेत्री के तौर पर बनारसी देवी ने अपने क्षेत्र के विकास कार्यो के लिए हरसंभव प्रयास किए है औऱ लोगो के साथ मिलकर आगे बढ़ी हैं। बनारसी देवी ग्रामवासियों के लिए आदर्श नेता के रूप में प्रेरणा बनी हुई हैं औऱ युवाओं के हित में कार्य करने के कारण युवाओं में उनकी विशेष छवि हैं। उनके द्वारा किए गए सराहनीय प्रयासों के कारण जनता ने उनपर विश्वाश जताया है और वे सरपंच पद के लिए दावेदारी पेश कर रहीं हैं।